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खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली

तुमरी तौ खुट्यों मा जब लगला पराज
अर आँखि यखुली मा रगरे जाली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।लगालु बथौ, ऐकी गीत चौक तिबरी मा
अर बुग्यालों की पिड़ा खुट्यों कुतग्यलि लगाली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।गाड-गदेरा जब धै लगै की भट्याणा राला
अर हैरी डाली बोटी तुम थै सनकाणी राली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।डोखरी-पुंगड़ियों मा जब लागलु घाम तैलु
या दूर डाँडियुं कुई घस्येरी खुदेणी राली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।होलु कुई जब डाला छैल अधुरवै कैकि
या कै बुलाणा खु चुल्लो की आग भभराली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।बडुलि बणी की जु खुद लगलि गौला मा
या सुपिन्यों मा सनकाली कुई आँखि रत्नयालि
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।बस्ग्याल सी बरखलि कबि जु आँखि दगड्यों
या जिकुड़ि, सौंजङ्यां कुई धीर धराली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।सारी जब हैरी पिंगली रंगो मा रंगी होली
अर समलौंण कैकि कुई घार बिटि आली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।भितर कखि कुई जब कुई दानु खासलु
अर खबरसार जब कैमा घार-गौ की सुण्यालि
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।बरखा कु लग्यु रालु झमणाट
अर डाँडियूं जब कुयेड़ि घनघोर लागली
खुदेड़ डाँडी काँठी याद आली।
@नोप सिंह नेगी(खुदेड़)
971 6959 339
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Uttarakhandi Nath Nose ring

Nathuli / Nath Nathuli or
Nath is that the charm of Pahari ladies that is hailed for its elegant vogue.
it's worn by the ladies of Garhwal, Kumaon and Jaunsar-Bawar region of
Uttarakhand. However, the fashion and style might dissent in each region
however its attractiveness remains identical. The nath or ring of a bride is
the star attraction throughout the marriage. the burden and range of pearls
inserted in an exceedingly nath indicate the standing of the family of the
bride. Tehri Nath celebrated for its inventive style is one in every of the
foremost distinguished ornament of Uttarakhand that is worn at the time of
wedding, social gatherings, puja and at vital family functions. this huge piece
of bijou not solely showcases the wealthy culture of Garhwal however it's
additionally become a fashion statement that attracts plenty of Pahari yet as
non-Pahari brides to wear it.

Uttarakhandi Guloband

Uttarakhandi Guloband
#Galobandh additionally referred to as ‘Galabandh’ is one in every of the distinguished jewelry of Kumaoni culture. This elite article of clothing is donned by Kumaoni, Garhwali, Bhotiya, and Jaunsari girls. The Galobandh because the name suggests is tied around the neck and is just worn by the married girls. the individuality of Galobandh is that it's designed on a red belt, on that the golden square-shaped jewelry items area unit superbly organized with the assistance of a thread. tho' being a sublime jewelry it's obtaining out of fashion as trendy jewelry has captured the markets, creating no area for ancient ornaments. whereas the ornament is extremely likable by the agricultural girls it's not abundant well-liked among those that reside within the cities.

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karwachuath करवाचौथ

करवाचौथ पर विशेष कविता कविवर श्री नंदन राणा जी द्वारा अवश्य देखे और अपने साथियों और विवाहित जोड़े अपने जीवनसाथियो को अवश्य सुनाये



अनोप सिंह नेगी खुदेड़
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Veer Madho Singh Bhandari वीर माधो सिंह भंडारी

आप सभी साथियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।
आज शिक्षक दिवस पर एक शिक्ष द्वारा तैयार किये कुछ बालको द्वारा किया गया यह अभिनय वीर माधो सिंह भंडारी पर आधारित है। इसका मंचन 15 अगस्त 2018 को राइजिंग सन पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा किया गया जिन्हें तैयार किया स्कूल में कार्यरत शिक्षक संजय चौधरी जी ने। वीर माधो सिंह भंडारी जिन्होंने अपने गांव के लिए पानी लाने के लिए अपने पुत्र गजे सिंह की बलि दे दी थी। पुत्र बलि के इस बलिदान को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
जरूर देखिए आपको कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दीजियेगा और चैनल को सब्सक्राइब करके घंटी वाले बटन को जरूर दबाए ताकि चैनल पर आने वाली सभी वीडियो का नोटिफिकेशन आप तक पहुँच सके।   



अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
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Sab Khandwar Sab Lampsar सब खंद्वार सब लम्पसार

सब खंद्वार सब लम्पसार





अंद्वार जो छा यख
सब बणिगीं उंदै का
मायादार ।
सर्या गौं मा
कूडि पचास
आदिम चार ।
ढक्यां छी
घर घरु मा
छैंदा मवसि
का द्वार ।
म्यार मुल्क की
ई च अब
तिसलि अंद्वार ।
सग्वडि पत्वडि
बांझि प्वडि छीं
मनखि बताणा
अफ्थै हुश्यार ।
घुर्तम घुर्त्यो
कैरिकी खूब
चिताणा छी
चलक्वार ।
सिकासैरियूंमा
बिराणा छी
स्यो त्यार
यो म्यार ।
द्यख्ये जावा त
सुद्दि कुछ ना
सब खंद्वार
सब लम्पसार ।।


वीरेन्द्र जुयाळ "उप्रि" उर्फ अजनबी

World Environment Day Song of Uttarakhand