बसंत--- हमारु पहाड़ ऊंचा निसा डांडा, यख छिन हरी-भरी डाळी बसंत रितु मा,खिलदा फूल पहाड़ मा होंदा, रंगबिरंगा फूल पहाड़ मा, फ्योली बुंराश फुलारी रंदन तौंका सास क्वे खट्टी-मिट्ठी छ्वी…
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