घास अर घस्येरि एक दा गौं कि बेटि-ब्वारि घास ल्याणा खुणि ईड़ाडाँड जयीं छैं.(ईड़ाडाँड हमर इनै मर्चुला-शंकरपुर सड़को मथि जो डांडु च वैखण ब्वल्दि, यो कार्बेट पार्क कु ही अंतर्गत च|) यख कुँमौ-गढ़वाळ या …
आज बात यमकेश्वर की ... यम्केश्वर में रामलीला इतिहास विदों के अनुसार रामलीला मंचन की शुरुआत सोलवीं सदी में हुई तथा 18वीं सदी के मध्य काल तक रामलीला उत्तराखंड पहुंच चुकी थी कहते हैं कि प…
उत्तराखंड का बारामासी पर्यटन पर यक्ष प्रश्न देवभूमि उत्तराखंड देश ही ना दुनिया मा अपडि अलग पछांण रखदू। एक तरफ नैसर्गिक सौन्दर्य, गैरी-गैरी घाटी केदारखंड त हैकि तरफा सीधी लंबी श्रृंखला कु…
----- माटी-थाति अर प्रवासी------ गौं मा पळया-खेलया अर बितांया दिनों बटि पढिलिखि भैर गयां मनखि प्रवासी रैबासी बणीतै नौकरी दगडि तखि बसिगिन। यूंकै बीच कै प्रवासी त अपडि गौं माटी की खुशबू बिसरिगिन, …
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