बणांग जंगल मा हम लोखुन लगेलि आग, अर जानवर ऐगिन गौं मा,अरे! लोग अब पछतांणा क्वे अरे रामः ब्वन्ना ! कनुके रौला 'मनखि' अर भैसा-ग्वोरु बाखरा, सारी यख त बाघे डौर हव्ई भारी।…
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