Skip to main content

Posts

Showing posts from October, 2015

शहर में

अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में
कहते है रोज़गार नही कोई गाँव में
जिस ओर देखो बेरोज़गारी के बाज़ार लगे है शहर में
कहते है शिक्षा का आभाव है गाँव में
शिक्षा यहाँ भी खास नही दिखावा है बस शहर में गाँव के अमृत को भी ठुकरा देते है
ज़हर भी पी लेते है शहर में
छोड़ आये है गाँव पलभर में
लेकिन बस नही पाये अभी तक शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में गाँव का पानी जिन्हें गन्दा लगता नहर में
नाले का पानी पी रहे छान छानकर शहर में
जब तक समझ आती है ज़हम में
मज़बूर हो चुके होते है शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में अब पछतावा होता है क्यों निकले थे गाँव से
फसकर रह गए अज़नबी इस शहर में
स्वस्थ थे गाँव की पानी हवा में
आज बीमार से रहते है इस शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

Rajula Malushahi-2

दोस्तों आपने राजुला मलशाही की जो कथा पढ़ी आशा है आप लोगो को पसन्द आयी होगी।
काफ़ी समय से मुझे इसके अगले भाग के लिए कई बार मेसेज आये लेकिन समयाभाव के कारण लिखने में असमर्थ था आज फिर से वक़्त मिला तो फिर से लिखना शुरू किया है दोस्तों आइये तो चलते है इस सत्य प्रेम कथा के अगले भाग में और जानिए फिर क्या होता है, जब राजुला पहुच जाती है बिंदिया स्यर में अब राजुला बिंदिया स्यर में पहुच जाती है किसी तरह और वहा जब राजुला पर कहैड़ कोट के राजा कउआ के सेवक भगुवा की नज़र पड़ती है तो राजुला के सौंदर्य को देख वो चक्कर खा गिर पड़ता है। और फिर वो सोचता है की काश ये मेरे मालिक की रानी हो जाती और तत्पश्चात वो कउआ के पास जाता है अब कउआ के बारे में।
            दिखने में कैसा था छह बेटो का बाप 9 नाती पोते और हालात कुछ ऐसे जैसे जिसकी आँखों की पलके भी नाक तक झूल रही थी काख ऐसे जैसे किसी चिड़िया का घोसला हो।
           अब कउआ बिंदिया स्यार में जाता है लेकिन उसकी नज़र राजुला को देख ही नही पाती तब भगुआ उसकी पलकों को अपने हाथो से हटाता है तब कहि जाकर उसकी नज़र राजुला पर पड़ती है। अब कउआ भगुआ से कहता ह…

कख गेनि

न गंज्यलो की घम-घम च
न जन्दरो कु घरड़ाट च
चुल्लो मा भी आग नीच अब
छन्यो मा भी कीला ज्यूड़ा नि रैनी अब
पींडा कु तौलू भी सोचणु रैंदु
कख गौड़ी भैस्यू कु जब्लाट च
जै घासा का पैथर गाली खैएनी
अब वे घास कटण्या हाथ ही से गेनि
कख घासा की खुम(पलकुण्डि) होली
कख पिरुला की गडोली होली
सुबेर रतब्याण्या चली जांदी छै बेटी ब्वारी धाणा खु
नया जमना दगड़ी वो भी कन बदली गे होली
थमली दथुड़ी भी काकर ही रै गेनि
कुटला भी झणि अब कै पुंगडा हरचेनि
मौनू(मधुमक्खी) का जलठा भी अब नि रैनी
कागा बसदा छाई धुरपलि मा
वूल भी अब आणु जाणु छोड़ियेलि
जगरियु की डौर थकुलि भी अब नि बज्दिनी
मिजाण देबता भी अब मॉर्डन व्हैगेनिअनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

मी अर मेरा पहाड़

मी तरसू वे पहाड़ खु, पहाड़ तरसू मीखु
मीमा वक़्त नि वेमा जाणा कु, वो हिली नि सकदु मीमा आणा खु
मी जांदू जब भी वेमा मी रुंदु छौ
वो हैसांदु च तब भी दुःख अपणा लुकैकि
आज ये पहाड़ की वा हालत करी च
पीड़ा त हुन्दी च वे थै पर कैमा बोली नि सकणु च
राजनीती का जाल मा मेरु पहाड़ हरचणु च
आण वला वक़्त मा हालत यी देखि मन यु बौलेणु च
क्या होलु ये पहाड़ कु सोची सोची
"खुदेड़" यु खौलेणु च अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

शादी की सालगिराह

हे प्रिये आज आठ वर्ष पूरे हुए हमारी शादी के
राही जीवन के आज हम एक हुए
ऐ मेरे हमसफ़र मैं तुमपर तुम मुझपर
प्रेम अपना यू ही बनाये रखे
अटूट विश्वास हम दोनों को इक दूज़े पर
इसे हम यूँ ही कायम रखे आओ हम आशीष ले सभी से
की जोड़ी हमारी बनी रहे
जीवन में न हो कोई ग़म
यूँ ही बीत जाये ये जीवन
हे प्रिये आज आठ वर्ष पूरे हुए हमारी शादी के
राही जीवन के आज हम एक हुए अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

व्यवस्था त जनि की तनि रैगी

उत्तराखण्ड की व्यवस्था त जनि की तनि रैगी
लेकिन मनखी भी अब तनि व्हैगी
बात करा उत्तराखण्ड का भविष्य की
पर छ्वि दानो की भी बालो जन रैगी
हम छ्वि लगाणा उत्तराखण्ड कु विकास कनकै होलु
अर वो क्रिकेट की बॉल खुज्यान्दी रैगी हम पहाड़ी क्षेत्रो थै जिला बणाणै की बात करदा
शहरी क्षेत्रो का पहाड़ी हमरी बातु थै कख लगैगी
हम पहाड़ो थै हैरु भैरू बणाणै कोशिश करदा
स्यू डाला काटी घर अपणा मॉडर्न बणाण बैगी
उत्तराखण्ड की व्यवस्था त जनि की तनि रैगी
लेकिन मनखी भी अब तनि व्हैगी हम पहाड़ो मा रोज़गार का वास्ता प्रयासरत
वू बच्यां रोजगारों थै भी लुछी की चलिगी
पहाड़ों कु पहाड़ी त प्यासु च
सी पाणी भी पहाड़ो कु शहरो मा बेचण लैगी
उत्तराखण्ड की व्यवस्था त जनि की तनि रैगी
लेकिन मनखी भी अब तनि व्हैगी हम पहाड़ो थै अड्यासु दे सम्भलण लग्या छा
अर वू ऐकी सबुलु लगै पहाड़ थै खौंदार कैगी
घर गाँव हमल अपणा हरचैनि
उज्यालु सी परदेशी लीगी
उत्तराखण्ड की व्यवस्था त जनि की तनि रैगी
लेकिन मनखी भी अब तनि व्हैगी सर्वाधिकार सुरक्षित
@अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339
facebook.com/khudeddandikanthi
twitter.com/khudeddandikant
khudeddandikanthi.in
k…

पहाड़ थै शहर बणौला

आवा दगड़यों पहाड़ो थै शहर बणौला
शहरी संस्कृति लेकिन पहाड़ो मा आण नि दयोला
हमारू युवा पलायन न करो कुछ इन करुला
पहाड़ी एक मिशाल बणी जौ काम इन करुला
आवा दगड़यों पहाड़ो थै शहर बणौला
शहरी संस्कृति लेकिन पहाड़ो मा आण नि दयोला राति की बासी रोटी सुबेर चायी दगड़ी खौला
रुमुक पॉड्या परिवार दगड़ी छुई बात लगौला
एक बार फिर से बग्वाली का रात मा भैला चलौला
खौला मेलो मा गीत झुमैलो बाजु बन्द लगौला
आवा दगड़यों पहाड़ो थै शहर बणौला
शहरी संस्कृति लेकिन पहाड़ो मा आण नि दयोला एक बार फिर से डाँडीयों मा बखरा चरौला
बांजा पुंगड़ो खैण्डि की फिर से चलदा करुला
चला मेरा दगड़यों पहाड़ बौड़ी जौला
डाली बोटी लगै की पहाड़ थै हैरु भैरू करुला
आवा दगड़यों पहाड़ो थै शहर बणौला
शहरी संस्कृति लेकिन पहाड़ो मा आण नि दयोला अनोप सिंह नेगी(खुडेड़)
9716959339
facebook.com/khudeddandikanthi
twitter.com/khudeddandikant
youtube.com/खुदेड़डाँडीकाँठी

विकास तेरी आस मा

हिलिगे मेरु पहाड़, हे विकास तेरी आस मा
खौंदार व्हेगेनि पहाड़ हमरा, हे विकास तेरी आस मा
विनाश ही विनाश दिखेणु पहाड़ कु, हे विकास तेरी आस मा
पर तू दिखेंदु नि छै, दूर तक कैकि आस मा घास लखडु सब हरचिगेनि, हे विकास तेरी आस मा
बाँज-बुरांश भी नि दिखेंदु अब, हे विकास तेरी आस मा
डाली बोटी सब कटेगेनि, हे विकास तेरी आस मा
पर तू दिखेंदु नि छै, दूर तक कैकि आस मा छोया-पंदेरा सब बिश्कि गेनी, हे विकास तेरी आस मा
रौला-गदना भी मुख मोड़ी गेनी, हे विकास तेरी आस मा
डोखरी-पुंगड़ी सब बर्बाद व्हेगेनि, हे विकास तेरी आस मा
पर तू दिखेंदु नि छै, दूर तक कैकि आस मा हमरा पुरणो(पूर्वजो) का सुपिन्या सुपिन्या ही रैगेनि, हे विकास तेरी आस मा
पहाड़ कु युवा आज भी भटकुणु च, हे विकास तेरी आस मा
पहाड़ी पहाड़ छोड़ी चलिगे, हे विकास तेरी आस मा
पहाड़ कु पहाड़ी खुदेणु च, हे विकास तेरी आस मा
पर तू दिखेंदु नि छै, दूर तक कैकि आस मा अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
facebook.com/khudeddandikanthi
twitter.com/khudeddandikant
youtube.com/खुदेड़डाँडीकाँठी
9716959339