अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में
कहते है रोज़गार नही कोई गाँव में
जिस ओर देखो बेरोज़गारी के बाज़ार लगे है शहर में
कहते है शिक्षा का आभाव है गाँव में
शिक्षा यहाँ भी खास नही दिखावा है बस शहर में
गाँव के अमृत को भी ठुकरा देते है
ज़हर भी पी लेते है शहर में
छोड़ आये है गाँव पलभर में
लेकिन बस नही पाये अभी तक शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में
गाँव का पानी जिन्हें गन्दा लगता नहर में
नाले का पानी पी रहे छान छानकर शहर में
जब तक समझ आती है ज़हम में
मज़बूर हो चुके होते है शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में
अब पछतावा होता है क्यों निकले थे गाँव से
फसकर रह गए अज़नबी इस शहर में
स्वस्थ थे गाँव की पानी हवा में
आज बीमार से रहते है इस शहर में
अक़्सर गाँव छोड़ चले आते है लोग शहर में
ग़ुम हो जाते है चकाचौंध इस शहर में
अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339