इस बार जाने दे देश के लिए मैने,
देश से किया जो वादा है।
फिर लुंगा कोख से जन्म तेरे,
ये मेरा तुझसे वादा है।

हो जाऊंगा अगर शहीद तो,
आँसू मत बहाना तू।
बस कर देना हंस के विदा,
इन हाथो से सहलाके तू।

माँ मै ये जानता हूं,
तू आँसू जरूर बहाएगी।
देख तिरंगे पे लिपट के आया,
तू छाती पीट के रोएगी।

मुझे कसम है तेरी माँ,
तिरंगे को न झुकने दुंगा मै।
मिट जाऊंगा खुद मै मगर,
देश को न झुकने दुंगा मै।


                          सर्वाधिकार सुरक्षित बीरेन्द्र सिहं बिष्ट