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Showing posts from July, 2016

श्रीदेव सुमन

वीर सपूत श्रीदेव सुमनवीर सपूत तुमको है नमन, 
हाथ जोड़ करते हम वन्दन,
माँ तारा पिता हरिदत्त के नन्दन,
श्रीदत्त बडोनी से हुए तुम "सुमन"।वीर पुत्र तुम हो केदारखण्डी,
अमर बलिदानी तुम हो उत्तराखण्डी,
जन्म लिया जौली ग्राम बमुण्ड पट्टी,
कंकड़ मिली दाल खाई रेत मिली रोटी।209 दिन की कैद में 84 दिन किया अन्नसन,
25 जुलाई सन 44 को उत्तराखण्ड हुआ सन्न, 
अंतिम संस्कार होने न दिया सम्पन, 
लटकाय डंडे पर किया हवाले गंग।अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
khudeddandikanthi@gmail.com
९७१६९५९३३९

Kakh Jani Dil Meru Todi ki

हरेला दिवस Harela Divas

हरेला आयी हरेला आयी
चौदिशी बहार आयी
सारी, डाँडी काँठी हरियाली छायी
मन मा उमंग सब्यु का ल्यायी

सभी भै बंधु थै हरेला पर्व की बहुत बहुत शुभकामनाएँ समस्त खुदेड़ डाँडी काँठी परिवार की ओर से।दोस्तों  उत्तराखण्ड इस पर्व का अलग ही महत्व है जो की साल में तीन बार मनाया जाता है, लेकिन इस श्रावण माह के हरेला को अधिक महत्व दिया जाता है, क्योंकि ये सावन का महीना भगवान शंकर जी को समर्पित है, श्रावण माह से नौ दिन पहले  पांच सात प्रकार के बीज किसी थाली या किसी मिट्टी के पात्र में बोये जाते है और फिर सावन माह के पहले दिन इसे काटा जाता है। कई जगह देखा जाता है कि लोग जौ आदि को गोबर से अपने घर के हर द्वार पर दोनों तरफ लगाते है।कुमाऊ में भगवान शिव के संपूर्ण परिवार की मूर्ति बनाकर उसे सुखाकर फिर उसपर बिस्वार(चावल पीसकर बनाया जाता है)को इन मूर्तियों पर लगाया जाता है। इसके बाद रंगों से इन मूर्तियों को सुंदर सजाया जाता है फिर इनकी पूजा की जाती है तत्पश्चात इन्हें विसर्जित कर दिया जाता है।
हरेला मनाने का मकसद यह हुआ करता था कि उस समय वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं नही होती थी इसलिए बीजो के परीक्षण के लिए पहले बीजो क…

क्याच् मैत की खुद?

क्याच् मैत की खुद?आखिर क्याच् मैत की खुद?
बेटियो की आस च मैत की खुद,
ब्वारियु कु क्वांसु शरैल च मैत की खुद,
एक हैका का दगड़ आर सार च मैत की खुद।आखिर क्याच् मैत की खुद?
बणों मा ग्वेर दगड्यो कु दगुड़ च मैत की खुद,
हरी-भरी सारयों मा ठंडी बयार च मैत की खुद,
बचपन का वू दगड्यो की तलाश च मैत की खुद।आखिर क्याच् मैत की खुद?
स्कुल्या दिनों की याद च मैत की खुद ,
द्वी रोट्यो की तलाश म गौ से बिछड़ोऊ च मैत की खुद,
खौला म्यालो मा चरखी झूलो की झकझोल च मैत की खुद।आखिर क्याच् मैत की खुद?
थड्या, चौफुला, झुमैलो की साज च मैत की खुद,
औज्यों की ढ़ोल की थाप च मैत की खुद।
देश-प्रदेशो मा खुदेणु "खुदेड़" प्राण च मैत की खुद।
अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339www.khudeddandikanthi.in

बौल्या चैणा छन

नेता नि चैंदा हम थै,
हम थै बौल्या चैणा छन,
पहाड़ का प्रति समर्पित हो,
कुछ इना बौल्या चैणा छन।अफसर नि चैंदा हम थै
हम थै बौल्या चैणा छन,
मोल मा हाथ घलण से भी घिणांदा न हो,
कुछ इना बौल्या चैणा छन।प्रधान नि चैंदा हम थै,
हम थै बौल्या चैणा छन,
ग्राम थै प्रधान बणाणा कु जौमा ज़ज्बा हो,
कुछ इना बौल्या चैणा छन।सांस्कृतिक मंच नि चैंदा हम थै,
हम थै बौल्या चैणा छन,
संस्कृति बचौणा खातिर सदा तत्पर हो,
कुछ इना बौल्या चैणा छन।गौ रक्षक नि चैंदा हम थै,
हम थै बौल्या चैणा छन,कुछ इना बौल्या चैणा छन।