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Showing posts from July, 2018

Kaun Dhyan Dega कौन ध्यान देगा?

कौन ध्यान देगा?
कही पहाड़ खिसक रहा,
कही रोड़ धसक रही,
हम तुम कांग्रेस भाजपा की
लड़ाई में सफल हो रहे।
किन्तु वहां कौन ध्यान देगा?
जहा पहाड़ी सिसक रहा!
कही बादल फट रहा,
कही बाढ़ आ रही,
हम तुम फेसबुक पर
अनुमान लगा रहे।
किन्तु वहां कौन ध्यान देगा?
जहा पहाड़ी दम तोड़ रहा!





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कही जंगल जल रहा, कही सुरंगे खुद रही, हम तुम अलवेदर के सपनो के जाल में खो रहे। किन्तु वहां कौन ध्यान देगा? जहां पहाड़ी ज़िंदा दफन हो रहा!

कही दल बदल रहा,
कही विदाई हो रही,
हम तुम आस विकास के
खयाली नक्से तैयार कर रहे।
किन्तु वहां कौन ध्यान देगा?
जहां पहाड़ी अनाथ हो रहा!

कही रोहिंग्या स्थायी हो रहा,
कही शराब बिक रही,
हम तुम नशे की
बोतल में तैर रहे।
किन्तु वहां कौन ध्यान देगा?
जहा सौदा पहाड़ी का हो रहा!

अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

Hamar Pahar हमर पहाड़

नामस्कार दोस्तो आज बहुत समय बाद अपनी यह रचना प्रेषित कर रहा हूं।
मेरी यह पहली कुमाऊनी रचना है कोशिश की है लिखने की यदि कुछ त्रुटियां रह गयी हो तो कृपया मार्गदर्शन जरूर कीजियेगा। https://khudeddandikanthi.blogspot.com/2018/07/hamar-pahar.html?m=1 *हमर पहाड़* म्यर पहाड़ त्यर पहाड़,
म्यर त्यर क झगड़ मै,
हरै गो छौ हमर पहाड़। गढ़ पहाड़ कुमौ पहाड़,
गढ़ कुमौ क बीचम,
उजड़ी गे छौ हमर पहाड़। हरो भरो छि कभै,
हमर यो सुंदर पहाड़,
अब रगड़ है गे छौ हमर पहाड़। गौ हमर बसै छि हमर पूर्वजुल,
अब नि रौ ग़ोई यू हमर पहाड़,
छूड़ डुट्याल बसी गो हमर पहाड़। द्याह(घर) उड़्यार है गो छ,
पहाड़ी नहै गो छोड़ी बेर पहाड़,
खौनार हैगो हमर पहाड़। बग्वाल भैलो उदंकार हुंछि कभै,
नान तिन लै रौनक रौ छि पहाड़,
अब अन्यारपट हैरो हमर पहाड़। चहल पहल खूब रौंछि कभै,
म्यल कौतिक की बहार हमर पहाड़,
अब सुनपट हैरो हमर सर पहाड़। कसी दुर्गति हैगो यो हमर पहाड़,
गाड(खेत) बांज हैगो हमर पहाड़,
अब कसिक व्हल खुशहाल हमर पहाड़। गाड़-धार सुखी गै छौ,
जंगव(जंगल) लै जगी गो छौ हमर पहाड़,
जसकसै बचै ल्यो दगड्यो यो हमर पहाड़।


अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339