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Showing posts from February, 2016

कमी नि पहाड़ मा

लेखी-लेखी की करू क्या?
पहाड़ तब भी बर्बाद हूणु चा,
लिखण वलु की कमी नि पहाड़ मा।गायी-गायी की करू क्या?
पहाड़ तब भी धै लगाणु चा,
गाण वलु की कमी नीच पहाड़ मा।समझै-समझै की करू क्या?
पहाड़ तब भी नि बुथेणु चा,
बुथ्याण वलु की कमी नि पहाड़ मा।सोची-सोची करू क्या?
पहाड़ तब भी हरचुणू चा,
सोचण वलु की कमी नि पहाड़ मा।देखी-देखी करू क्या?
पहाड़ तब भी रुणु चा,
देखण वलु की कमी नि पहाड़ मा।समाली-समाली करू क्या?
पहाड़ तब भी छुटणु चा,
समलण वलु की कमी नि पहाड़ मा।सै-सै की करू क्या?
पहाड़ तब भी दुखणु चा,
सैण वलु की कमी नि पहाड़ मा।हैंसी-हैंसी करू क्या?
पहाड़ तब भी सुबकुणु चा,
हैंसण वलु की कमी नि पहाड़ मा।रोपी-रोपी की करू क्या?
पहाड़ तब भी उजड़णु चा,
रोपण वलु की कमी नि पहाड़ मा।हरचे-हरचे की करू क्या?
पहाड़ तब भी लुप्तेणु चा,
हरचाण वलु की कमी नि पहाड़ मा।अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)

खून राजपूताना

खून राजपूताना है मेरा उबाल तो मारेगा
मत कर मजबूर ऐ काफ़ीर
तलवार जो एक बार निकली म्यान से
तो खुद को बचाने कहा तक फिरेगानिशान न तेरा अब नक्शे पर कही रहेगा
इतिहास गवाह है तुम्हारी बर्बादी का
क्यों तू खुद को मिटाना चाहता है
खून राजपूताना है मेरा उबाल तो मारेगा सच कहता हूँ इस बार न ये राजपूत रुकेगा
सुधरने का अभी मौका है सुधर जा वर्ना
इंच भर जमीन दफ़न होने को तरसेगा
खून राजपूताना है मेरा उबाल तो मारेगाहिंदुस्तान जिंदाबाद है जिंदाबाद रहेगा
रहना है जो किसी अफ़जल को भारत में
तो नारा हिंदुस्तान जिंदाबाद का बोलना ही पड़ेगा
खून राजपूताना है मेरा उबाल तो मारेगाअनोप सिंह नेगी(खुदेड़)

Chakbandi Ku Samarthan चकबन्दी कु समर्थन

चकबन्दी कु समर्थन जरूरी च चकबन्दी ही पहाड़ो कु सारू च, चकबन्दी व्है जाली जू पहाड़ो मा त इतगा ही हम खुणि खार्यूं च, उजड़दा यू पहाड़ो थै समलण जरूरी च इलैयी दगड्यों चकबन्दी कु समर्थन जरुरी च।
एक ही समणी होली जू खेती हमरी काम काज सौंगु व्है जालु, जौ पुंगड़ियूँ थै कना कु आलकस च भोल वू पुंगड़ियूं मा धाण कन मा दिन बितालु, आज धाण नि कना की मजबूरी च इलैयी दगड्यों चकबन्दी कु समर्थन जरूरी च।


चमक अब हर पहाड़ी का मुख फर होली चारो तरफ हरियाली ही हरियाली होली, उत्तराखण्ड का हर गौ मा जब चकबन्दी होली यी जिकुड़ी मा तब दगड्यों प्वड़ली सेली, सुपिना 'गरीब' जी कु पुरू कन जरुरी च इलैयी दगड्यों चकबन्दी कु समर्थन जरूरी च।
अब न कुई रोक हो अब न कुई टोक हो हर जिल्ला हर गौं मा चकबंदी की रौनक हो, तल्या माल्या वल्या पल्या सारी फसल से झकझोर हो हर उत्तराखण्डी कु खेती ही पैलु शौक हो, यी पहाड़ की माटी मा हम सब्यु कु बस्यु शरीर च इलैयी दगड्यों चकबन्दी कु समर्थन जरूरी च।

अनोप सिंह नेगी(खुदेड़) 9716959339 www.khudeddandikanthi.in www.facebook.com/khudeddandikanthi www.twitter.com/khudeddandikant youtube.com/खुदेड़डा…