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Showing posts from April, 2013

कुंड़जू Artemisia(नागदाना)

     कुंड़जू जिसे छमारा भी कहते है। यह पौधाartemisia(नागदाना) के नाम से भी जाना जाता है। ये एक प्रकार का पौधा है जो उत्तराखंड में काफी मात्रा में पाया जाता है। यह पौधा बहुत ही शुद्ध माना जाता है, इसीलिए उत्तराखंड में इस पौधे का उपयोग पूजा में किया जाता है। इस पौधे की खेती नहीं की जाती किन्तु फिर भी यह पौधा स्वयं ही पैदा हो जाता है। इस पौधे का इस्तेमाल देखा जाये तो गाँवो  में लोग औषधि के रूप में भी करते है। जैसे की यदि बदन में खुजली हो जाती है तो, गौमूत्र में इसे मिलाकर बदन पर लगाया जाय तो खुजली ख़त्म हो जाती है।
     कुछ लोगो को तो मैंने इसका प्रयोग इत्र(PERFUME) की तरह करते हुए देखा है। कई लोग तो इसका प्रयोग रोजाना स्नान के लिए भी करते है।  कुंड़जू एक औषधीय पौधा भी है इसके पत्ते हाथो पर मलकर सूंघने से माउंटेन सिकनेस में लाभ होता है। इसकी खुशबू बहुत ही महक़ होती है। जब भी घर में कोई पूजा-पाठ होता है तो इसका इस्तेमाल भी अवश्य होता है देवी-देवताओ(GOD) को भी इसी से धूप देते है। जलते हुए कोयलो(COAL) के ऊपर इन पत्तो को देशी घी में भिगोकर फिर रखा जाता है, फिर देवी-देवताओ को तथा पितरो  को इस…

खुदेड़ डाँडी काँठी की प्रस्तुति मुंडन संस्कार अक्षत सिंह नेगी दिनाँक २३-२४ अप्रैल २०१३ दिन : मंगलवार, बुद्धवार