Skip to main content

Posts

Showing posts from January, 2018

Basant Panchi बसंत पंचमी

वसंत पंचमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्योहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। इस दिन स्त्रियाँ पीले वस्त्र धारण करती हैं।प्राचीन भारत और नेपाल में पूरे साल को जिन छह मौसमों में बाँटा जाता था उनमें वसंत लोगों का सबसे मनचाहा मौसम था। जब फूलों पर बहार आ जाती, खेतों में सरसों का सोना चमकने लगता, जौ और गेहूँ की बालियाँ खिलने लगतीं, आमों के पेड़ों पर बौर आ जाता और हर तरफ़ रंग-बिरंगी तितलियाँ मँडराने लगतीं। वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पाँचवे दिन एक बड़ा जश्न मनाया जाता था जिसमें विष्णु और कामदेव की पूजा होती, यह वसंत पंचमी का त्यौहार कहलाता था। शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी से उल्लेखित किया गया है, तो पुराणों-शास्त्रों तथा अनेक काव्यग्रंथों में भी अलग-अलग ढंग से इसका चित्रण मिलता है।बसन्त पंचमी कथासृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लगता था क…

Uttarayani Parv 2018 उत्तरायणी पर्व 2018

शुभ प्रभात कल 14 जनवरी 2017 के दिन बहुत ही व्यस्तता और रोमांचक रहा।
दिल्ली प्रदेश में हर ओर उत्तराखण्ड के मंच सजे दिखे, जिसमे दिल्ली सरकार की सहभागिता से 32 स्थानों पर उत्तरायणी पर्व बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया गया। इसके अलावा भी बहुत से मंचो ने इस पर्व को मनाया जिस ओर से भी आज गुजरना हुआ हर तरफ उत्तराखण्ड की छटा बिखरी मिली। इसी पर्व को खुदेड़ डाँडी काँठी साहित्य एवं कला मंच (पंजिकृत) तथा उत्तराखण्ड रामलीला एवं सांस्कृतिक मंच(पंजी.) ने कुतुब विहार फेस-2 हनुमान चौक, नई दिल्ली 110071, मटियाला विधान सभा मे मनाया। खुदेड़ डाँडी काँठी ने आज इस मंच से दो छोटे बाल कलाकारों की जोड़ी तैयार की जिसमे बाल गायिका शगुन उनियाल और बाल अदाकारा इशिता नेगी ने अपनी प्रस्तुति दी। इस जोड़ी को मंच पर प्रस्तुति देते हुए देख जनता अपने स्थानों को छोड़ मंच के समीप पहुचने लगे। दर्शकों ने इस जोड़ी को अपनी ओर खूब आकर्षित किया।
वही मंच संचालन में मंजु बहुगुणा जी ने भी दर्शको को अपनी संस्कृति से परिचित करवाया। यदि बात करे देवी देवताओं की तो आज नंदा देवी की डोली के साथ देवी देवताओं के दर्शनों का सौभाग्य भी दर्शको प्राप्त …