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Timru Timur Zanthoxylum Alatum टिमरू

टिमरू/ टिमुर Zanthoxylum Alatumनमस्कार दोस्तो सबसे पहले कल के लेख में हुई गलती के लिए क्षमा चाहता हूँ उस लेख में मैंने मालू के अंग्रेजी नाम को ZanthoxylumAlatumलिखा था। और दूसरा उसकी कीमत मैने जो बताई थी वो कीमत टिमरू के फल की है। क्योकि कल मैं एक लेख खत्म कर चुका था और दूसरा लिख रहा था गलती से मैंने इसे वहां लिख दिया यहाँ लिखने की बजाय।
आशा करता हूं आप मेरी इस गलती को माफ करेंगे। अब आज टिमरू की ही बात मैं इस लेख में कर रहा हूं, आइए जानते है टिमरू के क्या उपयोग है और ये कहा कहा पाया जाता है। टिमरू बहुत कम लोग इसे जानते होंगे किन्तु जो पहाड़ो से संबंध रखते है वो इसके बारे में जरूर जानते होंगे। यह एक झाड़ीदार कांटेदार पौधा है जिसका अध्यात्म और अषधियो में उपयोग होता है। जो नही जानते तो वो भी इसे जान लेंगे यदि आपने गांव में कोई शादी अटेंड की होगी तो अब जान जाएंगे। दूल्हे को हल्दी लगाने, नहाने और आरती उतारने के बाद उसे पीले कपड़ो में भिक्षा मांगने को भेजा जाता है, एक झोली और एक लकड़ी का डंडा उसके पास होता है ये वही लकड़ी का डंडा होता है जिसके बारे में अभी हम जानेंगे। इसका उपयोग इतने तक ही सीमि…

Kangni kauni कंगनी कौणी

कंगनी, काकनी, कौणी Foxtail मिलेटएक ऐसी फसल जो लगभग धरती से समाप्त हो चुकी है यदि इसके प्रति हम लोगो मे जागरूकता होती, तो शायद आज इसकी ऐसी हालत देखने को नही मिलती। यू तो हम पेट भरने के लिए स्वाद के लिए मार्किट में उपलब्ध कई खाद्य पदार्थो को खाते है। यदि मार्किट में कुछ नया आता है तो उसे एक बार जरूर ट्राय करते है। लेकिन ऐसी पौष्टिक खानपान की वस्तुओं को अक्सर शक की नजरों से देखते है कि पता नही इसके कोई साइड इफ़ेक्ट न हो कुछ गलत न हो जाये। लेकिन यदि यही चीज़ यदि मार्किट में इसकी साधारण अवस्था के बदले किसी आकर्षक पैकेट में बंद मील उसपर एक्सपायरी लिखी हो चाहे वो दुबारा रिपैक ही क्यों न कि गयी हो, उसके पौष्टिक गुणों को निकालकर क्यो न हमारे आगे परोसा जाए हम बहुत जल्द उसपर भरोसा कर लेते है। इसका उदाहरण होर्लिक्स जैसे चीजे है, जिसमे मूंगफली से उसके सारे पौष्टिक गुण निकालकर उसकी खली हमारे बीच खूब परोसी जाती है। यदि मूंगफली सीधे खाने को बोला जाए और कोई सड़क किनारे बेच रहा हो तो हम उसे शक भरी निगाहों से देखते है कि पता नही ठीक है या नही है, ऐसे बहुत से विचार मन मे उठते है। चलिए अब बात करते है आज की ऐ…

Palayan Kise Kahte Hai पलायन किसे कहते है..?

पलायन किसे कहते है..?

आज सभी को पलायन की चिन्ता है पर चिन्ता ही है चिन्तन नही। मन है पहाड़ों में जाने का पर मनन नही। लेखक बुद्धजीवी समाज सेवी NGO व कही अन्य लोगों को बड़ी चिन्ता है दुःख है बेदना है पलायन की पर क्या करें सब को मलाई से मतलब है दूध कोन पियेगा जब मलाई से पेट भर जाता है। मुझे भी बड़ी फिक्र है पलायन की पर उस पलायन की जो कुछ वक्त बाद महानगरों से गॉँव की और होगा
"फिर न तो घर होंगे न मकां होंगे हम यहाँ वहां जहां तहां होंगे"।
"खोजते रहेंगे हम अपने निसां पर न घर होंगे न मकां होंगे"।

उस रि-पलायन की चिन्ता है मुझे, खाएंगे क्या हम रहेंगे कहाँ हम,,? आज सब को पलायन पर बात करते देखता हूँ fb पर या व्हाट्सएप पर बहुत ग्रुप है या लोग है जो दिन भर पलायन की बात करते है पर खुद उन से सवाल पूछो की आप वापस गॉँव क्यों नही गए तो बोलेंगे भाई अब इस उम्र में क्या करूंगा।
या किस को बोलो आप पहाड़ों से क्यों आये सहर तो बोलेंगे उस जमाने मे पहाड़ों में कुछ था नही आज तो बहुत दूर नही पहाड़।
खुद की औलाद विदेश जाए तो तरक्की और दूसरे का पौड़ी से कोटद्वार भी आये तो पलायन, क्यों भाई यैसा कैसे हुआ …