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Burans Rhododendron बुरांश

बुरांश  Rhododendron

नमस्कार दोस्तो आज अपने एक पुराने लेख का अपडेट किया हुआ वर्जन लेकर आया हूं जिसके बारे में मुझे पहले जानकारी कम थी, जब मैंने डॉ. राजेन्द्र डोभाल जी का लेख पढ़ा तो और अधिक जानकारिया उपलब्ध हुई तो मैंने सोचा क्यों न इस लेख को अपडेट करके आप लोगो के साथ भी सांझा किया जाए। तो दोस्तो आज मैं बात करने वाला हूं उत्तराखण्ड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में बहुतायत मात्रा में होने वाले एक ऐसे फूल की, इसके वृक्ष की और इसकी उपयोगिताओं की। जी आप समझ ही गये होंगे मैं बात करने वाला हूं बुरांश की जो कि नेपाल का एक राष्ट्रीय पुष्प भी है, और उत्तराखण्ड का राज्य वृक्ष है।

      माना जाता है कि बुरांश पहाड़ो पर सबसे पहले खिलता है इसीलिए तो किसी ने कहा है

"बुरांश दादू तू बडो उतालू रे
और फुलू तू फूलण नी देन्दो।"

कवि हरिश्चन्द्र पांडेय जी की एक कविता

"खून को अपना रंग दिया बुरूंश ने
बुरूंश ने सिखाया है।
फेफडों में हवा भरकर कैसे हंसा जाता है.
कैसे लडा जाता है ?
ऊंचाई की हदों पर ठंडे मौसम के विरूद्ध !
एक बुरूंश ही खिलता है।
खबर पूरे जंगल में फैल जाती है आग की तरह"

आजकल यदि आप उत्तराखण्ड में जाये और जंगलों के भ्रमण कर तो आपको हर ओर लालिमा छाई मिलगी। लगभग मार्च के मध्य से यह फूल खिलने लगते है, यह फूल पहाड़ी क्षेत्रों में उपलब्ध होता है। उच्च हिमालयी क्षेत्रो में 1500 से 3600 मीटर की उचाई तक पाया जाता है। बुरांश न सिर्फ भारत नेपाल तक ही सीमित है बल्कि यह अपने औषधीय गुणों के कारण विश्व प्रसिद्द है। विश्व का सबसे ऊंचे पेड़ की सूची में नागालैंड द्वारा  1993 में बुरांश को सबसे लंबे वृक्ष के लिए गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड में इसे दर्ज कराया गया था। इसकी लंबाई 108 फुट थी, माउंट जफ्फू कोहिमा में यह पेड़ था।
बुरांश का अंग्रेजी नाम रोडोडेंड्रॉन है, यह एरिकेसीई कुल का पेड़ है। यह अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका को छोड़कर विश्व के लगभग अन्य सभी नमीयुक्त जंगलो में पाया जाता है। भारत के हिमालयी क्षेत्रो में इसकी 93% प्रजातीया उपलब्ध है। विश्व मे कुल 1025 प्रजातीया बुरांश की है जिसमे से अधिकतर प्रजातीय इसकी एशिया में ही पायी जाती है। इसकी कुछ प्रजातियां पाकिस्तान, अफगानिस्तान, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी यूरोप, में पायी जाती है। हिमालयी क्षेत्रो में बुरांश की कुछ प्रजातियां चीन, जापान, मलेशिया, म्यांमार, थाईलैंड, फिलीपींस, इंडोनेशिया न्यू गुनिया देशो तक फैल चुकी है।
भारत मे पायी जाने वाली कुल 87 प्रजातियों में से 12 प्रजातियां इसकी उत्तराखण्ड में पायी जाती है। बुरांश का इतिहास बहुत अधिक पुराना नही है ये लगभग 1650 में सबसे पहले ब्रिटिश में उगाया गया था इसके बाद साइबेरिया ने 1780 में और फिर 1976 में एक अन्य प्रजाति को उगाया था। भारत मे बुरांश पहली बार 1796 मे श्रीनगर में पायी गयी और इसकी पहली प्रजाति अरबोरियम है। प्रसिद्ध बोटनिस्ट जोसेफ डॉ. हूकर द्वारा एक यात्रा की गई थी उन्होंने नेपाल से लेकर उत्तरी भारत की यात्रा की थी जिसमे बुरांश की सही सही जानकारी दी। बुरांश(आरबेरियम) उत्तराखण्ड का राज्य वृक्ष है(नोट:-पुष्प नही है पुष्प ब्रह्म कमल है)।

        बुरांश का यह पुष्प उत्तराखण्ड तथा हिमाचल के घने जंगलो में अधिक पाया जाता है। बुरांश एक औषधीय पुष्प भी है शोध से पता चलने के बाद इससे कई दवाइयों का निर्माण भी किया जा रहा है।
बुरांश का प्रयोग शारीरिक विकास, खासी, तेज बुखार, गठिया, फेफड़ो सम्बन्धी रोगों, उच्च रक्तचाप, हृदय रोगों, हीमोग्लोबिन बढ़ाने, आयरन की कमी दूर करने तथा इंफ्लामेसन व खून की कमी पूरी करने के लिए किया जाता है। बुरांश जूस एन्टीडायरिक होता है। लीवर से सम्बंधित समस्याओ का उपचार भी बुरांश में है, बुरांश  (Rhododendron) के फूल में पोली फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण ये कोलेस्ट्रोल नही बनने देता है खास तौर से बुरांश का शरबत हृदय रोगियो के लिए रामबाण है। इसके प्रतिदिन एक गिलास सेवन से हृदय रोग समाप्त हो जाता है। बुरांश के शरबत से हिमोग्लोबिन की कमी भी पूरी होती है। शारीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बुरांश एक महत्वपूर्ण औषधि है।
      यदि आप भी खांसी, बुखार, खून की कमी, हड्डियों के दर्द, कोलेस्ट्रोल की समस्याओ से दूर रहना चाहते है तो रोज एक गिलाश शर्बत पिए और इन रोगों से सुरक्षित रहे।
अब तक हुए शोधों में मिली जानकारी अनुसार बुरांश में बहुत से रासायनिक अवयवो की पहचान की गई है जो इस प्रकार है:-
इसके फूल से रूटीन, क्यारेसिटीन, काउमेरिक एसिड, पत्तियों में अरबुटीन, हाइप्रोसाइड, इपिफ्रिडिनेनोल, और इसकी छाल से टेराक्सेरोल, बेटूलिनीक एसिड, यूरेसोलिक एसिड एसिटेट आदि अवयव उपलब्ध है। बुरांश में स्टेरोइड्स, सेपोनिक्स, और फ्लेवोनॉयड जैसे महत्वपूर्ण अव्ययव भी 2011 के एक अध्ययन में पाए गए है।
बुरांश में न सिर्फ औषधीय गुण उपलब्ध है बल्कि इसमें न्यूट्रिशनल गुण भी उपलब्ध होते है। बुरांश से निर्मित जूस में प्रोटीन  1.68%, कार्बोहाइड्रेट  12.20%, फाइबर  2.90%, मैग्नीज़  50.2 पीपीएम, कैल्शियम  405 पीपीएम, जिंक  32 पीपीएम, सोडियम  385 पीपीएम, कॉपर  26 पीपीएम, तक पाये जाते है। एक प्रसिद्ध दवा कम्पनी अशोकारिष्ट में भी रोडोडेंड्रॉन आरबेरियम का उपयोग किया जाता है। बुरांश में एन्टीऑक्सीडेंट, एन्टीडाईबेटिक, एन्टीडायरियल, तथा हिपेटोप्रोटिक्टिव एक्टिविटी होती है।
बुरांश से न सिर्फ जूस बल्कि इसका उपयोग अचार, जैम चटनी, जैली में भी किया जाता है। आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं में भी बुरांश का उपयोग किया जाता है। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजारों में बुरास जूस की काफी मांग है, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बुरांश जूस की कीमत 30 यू एस डॉलर प्रति लीटर है जो कि खरीद का रेट है और वही बुरांश से निर्मित सिरप बाजारों में 150 यू एस डॉलर प्रति लीटर पर बिकता है।
उत्तराखण्ड में मुख्य रूप से पायी जाने वाली प्रजाति ArboriumCinnaberium इन दोनों में ही Altitudinal range सबसे अधिक पायी जाती है। इन दोनों ही प्रजातियों की पत्तियों में सबसे ज्यादा proline जमाव पाया जाता हैइस वजह से low temperature tolerance की क्षमता बढ़ जाती है।
इतना गुणकारी होने के बावजूद भी लोग इसके प्रति जागरूक नही है, यदि इसे व्यवसाय से जोड़ा जाए तो काफी अच्छे रिजल्ट हमे मिल सकते है। जैसा कि अभी कुछ लोग इसका व्यवसाय कर रहे है किंतु इसके प्रति जागरूकता की कमी है और यदि सरकार भी इनके प्रति जागरूकता फैलाये तो इसके आर्थिक और स्वास्थ्य संरक्षण और विलुप्ति से इन औषधीय वनस्पतियों को बचाने ने काफी फायदा होगा।

रोडोन्ड्रोन की वह प्रजातियाँ जिनका प्रयोग किया जाता है

1. Rhododendron anthopogon Family: Ericaceae (Heath Family)
2. Rhododendron arboreum Family: Ericaceae (Heath Family)
3. Rhododendron aureum – Rosebay Synonym: Rhododendron chrysanthum, Family: Ericaceae (Heath Family)
4. Rhododendron campanulatum Family: Ericaceae (Heath Family)
5. Rhododendron ferrugineum – Alpenrose Family: Ericaceae (Heath Family)
6. Rhododendron griersonianum Family: Ericaceae (Heath Family)
7. Rhododendron indicum – Rhododendron Synonym: Azalea indica, Family: Ericaceae (Heath Family)
8. Rhododendron japonicum Synonym: Rhododendron metternichii, Family: Ericaceae (Heath Family)
9. Rhododendron kaempferi Family: Ericaceae (Heath Family)
10. Rhododendron lapponicum – Lapland Rosebay  Family: Ericaceae (Heath Family)
11. Rhododendron lutescens Family: Ericaceae (Heath Family)
12. Rhododendron luteum – Honeysuckle Azalea  Synonym: Azalea pontica, Rhododendron flavum, Family: Ericaceae (Heath Family)
13. Rhododendron maximum – Rosebay Rhododendron  Synonym: Rhododendron procerum, Family: Ericaceae (Heath Family)
14. Rhododendron molle – Chinese Azalea Synonym: Azalea mollis, Azalea sinensis, Rhododendron sinense, Family: Ericaceae (Heath Family)
15. Rhododendron mucronulatum Family: Ericaceae (Heath Family)
16. Rhododendron ‘PJM’ Family: Ericaceae (Heath Family)
17. Rhododendron ponticum – Rhododendron Synonym: Rhododendron lancifolium, Rhododendron speciosum, Family: Ericaceae (Heath Family)
18. Rhododendron x praecox Family: Ericaceae (Heath Family)

यदि आप लोग दिल्ली एनसीआर में रहते है तो आप हमे इन सम्पर्क सूत्रों पर सम्पर्क कर सकते है।
9891431840 शंकर
9716959339 अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
बुरांश जूस माल्टा, आंवला जूस, उत्तराखण्ड के खाद्य पदार्थ भी आपके पास हम पहुचा रहे है। किन्तु इसके लिए आपका सहयोग जरुरी है आप सहयोग करेंगे तो किसानो को रोज़गार मिलेगा और पहाड़ो से पलायन भी रुक सकेगा।

कुछ पुराने वानस्पतिक लेख

भीमल                      बुराँश शर्बत             कंडली
कुणजु/ नागदाना        लिंगुड़ा                   हिंसर
किलमोड़ा                  घिंगरु                    टिमरू भमोरा                      डैकण/डकैन          कौणी    तिमला                      मालू                    रागी/मंडुआ
झंगोरा

मिष्ठान
बाल मिठाई

अनोप सिंह नेगी(खुदेड़)
9716959339

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